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21 साल के युवा ने कम दाम पर दवाई बेचकर बना डाली 500 करोड़ की कंपनी

21 year old Arjun Deshpande made 500 crore company by selling cheap medicines with the help of generic aadhaar backed by ratan tata
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Arjun Deshpande Generic Aadhaar Success Story : भारत के सभी मेडिकल स्टोर्स में दवाई कितनी ज्यादा महँगी मिलती है ये हर किसी को पता है। महँगी दवाइयाँ आम लोगों की पहुँच से दूर होती है जिससे आम लोग इससे वंचित रह जाते है। 16 साल के अर्जुन देशपांडे (Arjun Deshpande) ने भी इस समस्या को देखा तो उन्होंने मन में इस समस्या को दूर करने का मन बनाया।

अर्जुन देशपांडे ने जेनेरिक आधार (Generic Aadhaar) नामक एक स्टार्टअप की शुरुआत की जिसके माध्यम से उन्होंने दवाइयों को 90% तक के डिस्काउंट पर बेचना शुरू कर दिया। जब लोगों ने देखा कि उनको जेनेरिक आधार के स्टोर्स पर मार्केट से 80-90% कम दामों पर दवाइयाँ प्राप्त हो रही है तो लोग इनसे जुड़ते चले गए।

अर्जुन का ये आईडिया काफी यूनिक था इसीलिए रतन टाटा इनसे काफी प्रभावित हुए और जेनेरिक आधार को रतन टाटा का भी समर्थन प्राप्त हुआ।

अर्जुन ने 16 साल की उम्र में शुरू किया था जेनेरिक आधार

अर्जुन देशपांडे जब 16 उम्र के थे तो उन्होंने ये जानने की कोशिश कि आखिर ये दवाइयाँ इतनी ज्यादा महँगी क्यों होती है। इसी सवाल का जवाब ढूंढते-ढूंढते अर्जुन ने अप्रैल 2019 को जेनेरिक आधार (Generic Aadhaar) की शुरुआत की। पहला स्टोर खोलना एक मुश्किल काम था लेकिन इस काम को अर्जुन ने बखूबी निभाया।

महँगी दवाई हर आम भारतीय की समस्या है जिसका निपटारा होना बहुत जरूरी था। अर्जुन ने जैसे ही अपना पहला स्टोर खोला तो वो लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया। शुरुआत में लोगों को भरोसा नहीं हो रहा था कि ये कैसे हो सकता है। लोग दवाई खरीदने से पहले ये जरूर पूछते थे कि सच में इतने कम दाम पर दवाई उपलब्ध है। धीरे धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और लोग इनसे जुड़ते चले गए।

अर्जुन को कैसे मिला रतन टाटा का समर्थन?

अर्जुन को रतन टाटा का समर्थन
अर्जुन को रतन टाटा का समर्थन

जेनेरिक आधार (Generic Aadhaar) ने लॉंच के बाद शहरों में काफी तेजी से विस्तार किया। अर्जुन ने अपनी पहली TEDx Talks दी तो ये वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गई। अर्जुन की ये स्पीच रतन टाटा तक पहुँची और रतन टाटा को उनका आईडिया काफी यूनिक और इनोवेटिव लगा जिसके बाद रतन टाटा ने उनके इस स्टार्टअप में निवेश करने की इच्छा जाहिर की।

रतन टाटा ने अर्जुन के स्टार्टअप में निवेश करने के साथ-साथ समर्थन भी दिया। रतन टाटा के उस समर्थन से जेनेरिक आधार आज काफी तेजी के साथ देश-विदेशों में फैल रहा है।


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हजारों स्टोर्स खोल चुका है जेनेरिक आधार

रतन टाटा के समर्थन के बाद अर्जुन ने जेनेरिक आधार को पूरे देश में फैलाना शुरू कर दिया था। अभी तक इन्होंने देशभर में 2,000 स्टोर्स खोल दिये हैं जिसमें लगभग 10,000 कर्मचारी काम कर रहे है।

इस समय जेनेरिक आधार बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और म्यांमार जैसे देशों में विस्तार कर रहा है। अर्जुन के अनुसार वो जल्द ही दुबई, ओमान, कंबोडिया और वियतनाम जैसे देशों में भी अपने स्टोर्स खोलने की तैयारी कर रहे है।

जेनेरिक आधार कंपनी की वैल्यूएशन पहुँची 500 करोड़ रुपये

अर्जुन देशपांडे द्वारा शुरू किया गया स्टार्टअप आज एक कंपनी बन चुकी है जिसकी वैल्यूएशन 500 करोड़ रुपये है। जेनेरिक आधार ने एक जापानी वेंचर कैपिटल फर्म बियॉन्ड नेक्स्ट वेंचर्स से प्री-सीरीज ए फंडिंग के हिस्से के रूप में 500 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन पर एक अज्ञात फंडिंग प्राप्त की थी।


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