NeoMotion at Shark Tank India Season 2 : शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 के एपिसोड-18 में तीन फाउंडर आते है जिन्होंने डिसेबल और बुजुर्ग लोगों के लिए नए जमाने की व्हीलचेयर्स का निर्माण किया है। इन व्हीलचेयर्स को जरूरत पड़ने पर स्कूटर में भी बदला जा सकता है। इन्होंने व्हीलचेयर को घर तथा बाहर दोनों तरह के इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया है।
भारत के 1.5 करोड़ लोगों को व्हीलचेयर की जरूरत है। व्हीलचेयर के बिना ऐसे लोगों को दूसरों पर निर्भर होना पड़ता है। साधारण व्हीलचेयर केवल घर के इस्तेमाल के लिए बेहतर होती है लेकिन बाहर जाने के लिए दूसरों के सहारे की आवश्यकता होती है।
नियोमोशन ने डिसेबल और बुर्जगो की गरिमा लाने के लिए नियोमोशन की शुरुआत की ताकि ऐसे लोग आत्मनिर्भर बन सके।
NeoMotion क्या है?

NeoMotion व्हीलचेयर बनाने वाला एक भारतीय स्टार्टअप है जो हाई क्वालिटी वाले अनुकूलित व्हीलचेयर और संशोधित स्कूटर बनाता है। इसमें एक रिमूबल बैटरी लगी होती है जो एक चार्ज पर 25 किलोमीटर की दूरी तय करती है।
नियोमोशन की शुरुआत 2020 में सिद्धार्थ डागा, आशीष शर्मा और स्वस्तिक दास ने मिलकर की थी। अभी तक इन्होंने 32 राज्यों में 2,000 से ज्यादा व्हीलचेयर डिलिवर की है।
ये प्रोडक्ट्स इनकी वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। सरकार, दानदाताओं और CSR के माध्यम से भी इन व्हीलचेयर्स को जरूरतमंदो तक पहुँचाया जाता है।
इनके पास व्हीलचेयर्स की दो कैटेगरी मौजूद है –
NeoFly – घर में इस्तेमाल की जाने वाली व्यक्तिगत व्हीलचेयर
NeoBolt – बाहरी इस्तेमाल के लिए एलेक्ट्रिक व्हीलचेयर स्कूटर
अभी तक NeoMotion ने कितना पैसा कमाया है?
Neomotion ने वित्त वर्ष 2021-22 में 4.7 करोड़ रुपयों की बिक्री की है जिनमें से टैक्स के बाद 30 लाख रुपये का का मुनाफा हुआ है। इनके पास 13 करोड़ रुपयों का ऑर्डर पहले ही मिल चुका है।
(Neobolt + Neofly) की कीमत 1.18 लाख रुपये है जिसका बिक्री मूल्य 99,900 रुपये है।
| वित्त वर्ष | रेवेन्यू |
| 2021-22 | 4.7 करोड़ रुपये |
NeoMotion के फाउंडर ने कितनी फंडिंग की डिमांड की?
NeoMotion के फाउंडर ने 1% एक्वटी पर 1 करोड़ रुपयों की डिमांड की जिसकी वैल्यूएशन 100 करोड़ लगाई गई।
| फाउंडर्स | फंडिंग प्राइस | एक्वटी | वैल्यूएशन |
| सिद्धार्थ, आशीष, स्वस्तिक | 1 करोड़ | 1% | 100 करोड़ |
सभी शार्क्स ने क्या-क्या ऑफर दिए
अमित जैन को ये बिजनेस बढ़ेगा, इस पर संशय था इसीलिए उन्होंने कोई डील नहीं दी लेकिन नमिता & अनुपम ने साथ मिलकर तथा पीयूष बंसल ने अकेले इनको डील दी।
पीयूष ने एक शर्त रखी कि 1 करोड़ मिलने तक लाभ का 5% उनको दिया जाएगा, जिन पैसों से बाद में व्हीलचेयर्स दान की जाएँगी।
| शार्क | फंडिंग प्राइस | एक्वटी | वैल्यूएशन |
| अनुपम & नमिता | 1 करोड़ | 5% | 20 करोड़ |
| पीयूष बंसल | 1 करोड़ | 5% | 20 करोड़ (कंडिशन) |
फाउंडर्स का काउंटर ऑफर
अनुपम और नमिता द्वारा दिए गए (लोन + एक्वटी) के ऑफर को फाउंडर ने मना कर दिया जिसकी जगह पर उन्होंने केवल एक्वटी का ऑफर दिया। फाउंडर अपनी वैल्यूएशन काम किए बिना ही 1 करोड़ रुपये चाहते थे।
| फंडिंग प्राइस | एक्वटी | वैल्यूएशन |
| 1 करोड़ | 1% | 100 करोड़ |
फाइनल डील किसको मिली?
फाउंडर्स की 1% एक्वटी और 100 करोड़ की वैल्यूएशन की चाहत के चलते नमिता इस डील से बाहर हो गई।
पीयूष बंसल ने एक शर्त पर इनको इनकी डील दी कि पीयूष को 1 करोड़ मिलने तक लाभ का 5% प्राप्त होगा।
| शार्क | फंडिंग प्राइस | एक्वटी | वैल्यूएशन |
| पीयूष | 1 करोड़ | 1% | 100 करोड़ (कंडिशन) |






