Great performance of M&M
महिंद्रा एंड महिंद्रा, जिसे हम M&M के नाम से जानते हैं, ने इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। अक्टूबर से दिसंबर के महीने में इस ऑटोमोटिव दिग्गज का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 60% की बढ़ोतरी के साथ 2,454 करोड़ रुपये रहा, जो कि अनुमान से भी अधिक है। इससे पहले, पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने 1,528.06 करोड़ रुपये का प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था।

इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि ऑटोमोटिव सेगमेंट में शानदार प्रदर्शन, प्रोडक्ट मिक्स में सुधार और ऑपरेटिंग लीवरेज से मिलने वाले फायदे। इस अवधि में कंपनी के शेयर भी करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ 1,661.95 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे, जो निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।
Growth figures
ऑटोमोटिव सेगमेंट की मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ की बदौलत M&M का रेवेन्यू 16% बढ़कर 25,642.4 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष के इसी तिमाही में 21,653.74 करोड़ रुपये था। विश्लेषकों ने भी कंपनी के स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी की उम्मीद की थी, लेकिन असली नतीजे उनके अनुमानों से भी बेहतर रहे।
EBITDA 9.7% बढ़कर 3,590.3 करोड़ रुपये हो गया, और ऑपरेटिंग मार्जिन 14% तक पहुँच गया, जो पिछले साल की तीसरी तिमाही में 80 आधार अंकों की वृद्धि है। इसके अलावा, ऑटो विभाग की बिक्री में 20.1% और वॉल्यूम में 11.1% की वृद्धि हुई है, जो इसके बाजार में मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
Leaders’ opinion
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, डॉ. अनीश शाह और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO (ऑटो और फार्म सेक्टर), राजेश जेजुरिकर ने इस तिमाही के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ऑटो और फार्म दोनों विभागों में यह एक मजबूत तिमाही रही है, जिसमें बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि और डबल प्रॉफिट की ग्रोथ हुई है।
M&M की इस सफलता का मुख्य कारण इसकी अग्रणी रणनीति, उत्कृष्ट प्रोडक्ट लाइनअप और बाजार की गहरी समझ है। इसके अलावा, कंपनी ने कठिन मार्केट कंडीशन में भी अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत किया है, जो इसके दीर्घकालिक विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है।






