कभी सोचा है बिना वायर्स के बिजली मिले तो कैसा होगा? जैसे वायरलेस इंटरनेट है, वैसे ही अब वायरलेस बिजली भी आ रही है। यह टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नया गेम चेंजर है।
टेस्ला का ड्रीम
सोचो, 150 साल पहले निकोला टेस्ला ने इसका सपना देखा था। उन्होंने ‘टेस्ला कॉइल’ से बिना तार के बिजली पहुंचाने की ट्राय की थी। हालांकि उस समय ये पूरी तरह से सफल नहीं हुआ, लेकिन उनके इस आइडिया ने आज के वैज्ञानिकों को इंस्पायर किया।

अमेरिका में सफल परीक्षण
यूएस नेवल रिसर्च लेबोरेटरी ने इसमें कमाल कर दिया है। उन्होंने एक किलोमीटर दूर तक 1.6 किलोवाट की बिजली वायरलेस तरीके से पहुंचाई। इसमें माइक्रोवेव बीम का इस्तेमाल हुआ और फिर एक खास रिसीवर से बिजली को प्राप्त किया गया।
फ्यूचर की पोटेंशियल
इस टेक्नोलॉजी का भविष्य ब्राइट लग रहा है। यह न सिर्फ साइंस फिक्शन जैसा लगता है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर बिजली सप्लाई की क्षमता भी है। वैज्ञानिक इसे और भी एडवांस्ड बनाने में लगे हैं।
यह वायरलेस बिजली की दुनिया है, जहां वायर्स की जरूरत नहीं, बस एनर्जी ही एनर्जी। इससे बिजली के इस्तेमाल में बदलाव आएगा, और हो सकता है भविष्य में हम सभी इस तकनीक का उपयोग करें। तो रेडी हो जाओ, वायरलेस एनर्जी की दुनिया के लिए!








