हाल ही में, अडाणी विल्मर लिमिटेड के शेयरों में आई अचानक गिरावट ने शेयर बाजार के विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। 20 नवंबर को इस कंपनी के शेयर 287 रुपए तक गिर गए, जो इसके एक साल के न्यूनतम स्तर के बराबर है। इस गिरावट से कंपनी के शेयरों में पिछले दो दिनों की बढ़त थम गई है। अडाणी ग्रुप द्वारा अडाणी विल्मर में अपनी 43.97% हिस्सेदारी बेचने की खबरें इस गिरावट का मुख्य कारण मानी जा रही हैं।

विशेषज्ञों का मूल्यांकन
वित्तीय विश्लेषकों ने टेक्निकल विश्लेषण के आधार पर अडाणी विल्मर के शेयरों को ‘कमजोर’ रेट किया है। डीआरएस फिनवेस्ट के रवि सिंह और टिप्स2ट्रेड्स के एआर रामचंद्रन के अनुसार, शेयर के लिए तत्काल समर्थन 283 रुपए पर देखा जा रहा है। वे मानते हैं कि यह शेयर मंदी की दिशा में है, और निवेशकों को उच्च स्तरों पर प्रतिरोध के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
आनंद राठी की सलाह
आनंद राठी शेयर्स और स्टॉक ब्रोकर्स के जिगर एस पटेल ने भी समान विचार व्यक्त किए हैं। उनके अनुसार, शेयर का निचला स्तर इसकी मंदी की स्थापित प्रवृत्ति को दर्शाता है। उन्होंने 250 रुपए को महत्वपूर्ण समर्थन और 350 रुपए को प्रमुख प्रतिरोध के रूप में पहचाना है।
वित्तीय प्रदर्शन पर असर
इस गिरावट का कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। वित्त वर्ष 2014 की दूसरी तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA में कमी देखी गई है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, खाद्य तेल की मात्रा में बढ़ोतरी के बावजूद, सफोला खाद्य तेल की मात्रा में कमी और EBITDA मार्जिन में गिरावट ने कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा की है।
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