8 नवंबर 2016 को देश में नोटबंदी के तहत 500,1000 रुपये के नोटों पर बैन लगा दिया।

सरकार ने नोट बैन करने की वजह कालाधन और जाली नोटों पर लगाम लगाना बताया था।

लेकिन 500,1000 की नोटों पर बैन लगाने के बाद RBI 2,000 रुपये के नोट छापने लगा।

लोगों को RBI और सरकार की यह रणनीति बिलकुल भी समझ में नहीं आ रही थी।

दरअसल 500 और 1000 के नोटों के चलन को रोकने के लिए RBI यह कदम उठाया था।

बड़े नोटों को बंद करने का सबसे बड़ा कारण कैशलेश इकोनॉमी को बढ़ावा देना था।

इसीलिए नोटेबंदी के तुरंत बाद ही Paytm जैसे डिजिटल पैमेंट ने बाजार में एंट्री मारी थी।

आज ठेले वाले से लगाकर बड़े-बड़े मॉल्स में भी डिजिटल पेमेंट्स के विकल्प मिल जाते है।

रिजर्व बैंक ओफ इंडिया ने 2020 के बाद से ही 2,000 के नोटों को छापना बंद कर दिया था।

आज भी 2,000 के नोट चलन में है लेकिन अब RBI ने इनको छापना पूरी तरीके से बंद कर दिया है।

पहले कुल नोटों में 2,000 के नोट की हिस्सेदारी 50.2% थी जो अब घटकर केवल 13.8% ही रह गई है।