सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में काफी समय से चीन का कब्जा है। 

लेकिन कोरोना के चलते चीन की पकड़ इस क्षेत्र में कमजोर हुई है। 

जिसके कारण पूरे विश्व में चिप्स (सेमीकंडक्टर) की भारी कमी देखने को मिल रही है। 

ज्यादातर देश अब चीन से दूरी बनाना शुरू कर चुके है, जिस वजह से भारत को एक अच्छा मौका मिला है। 

वेदांता ग्रुप ने इस मौके का फायदा उठाते हुए 1.54 लाख करोड़ का निवेश का ऐलान कर दिया है। 

अब TATA ग्रुप भी इस मौके का फायदा उठाने के बारे में सोच रहा है।

टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने एक इंटरव्यू में टाटा ग्रुप का प्लान शेयर किया है।

चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा ग्रुप सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 7.4 लाख करोड़ के निवेश पर विचार कर रहा है।

अगले 5 सालों में टाटा ग्रुप ने इस बड़े निवेश की अवधारणा को प्रस्तुत किया है।

इसके लिए 2020 में टाटा ग्रुप ने TATA Electronics का निर्माण भी कर दिया है।

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