एक निवेशक है जो अडानी ग्रुप के लिए संकटमोचन बनकर आया।

उस निवेशक ने अडानी ग्रुप के बुरे वक्त में भी उनका साथ दिया।

उस निवेशक का नाम "राजीव जैन" है।

राजीव जैन "GQG पार्टनर्स" के चेयरमैन व चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर है।

जब हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप को फर्श पर ला दिया था तभी...

राजीव जैन ने अडानी की 4 कंपनियों में 15,446 करोड़ का निवेश किया था।

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इस निवेश ने अडानी ग्रुप के शेयर्स में एक बूस्टर का काम किया था।

राजीव जैन ने अडानी ग्रुप के सम्बन्ध में एक बयान में कहा है कि -

हम अडानी ग्रुप में सबसे बड़े निवेशकों में शामिल होना चाहते है। 

हम अगले 5 सालों में ये मुकाम हासिल करने का प्रयास करेंगे। 

जल्द ही GQG पार्टनर्स ने अडानी ग्रुप में 10% हिस्सेदारी बढ़ा दी है। 

GQG पार्टनर्स ने अभी तक अडानी ग्रुप में 3.5 अरब डॉलर डॉलर का निवेश कर दिया है। 

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