मुकेश अम्बानी ने पिछले साल एक फैसला लिया था। 

लेकिन अब उन्होंने अपना वो फैसला वापस ले लिया है। 

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड मुकेश अम्बानी सबसे प्रमुख कंपनी है। 

रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड इसकी सहायक कंपनी है। 

अम्बानी इन दोनों कंपनियों का आपस में विलय करना चाहते थे। 

लेकिन मुकेश अम्बानी ने अब विलय करने का प्लान कैंसल कर दिया है। 

इसके पीछे कई बड़ी वजहें बताई जा रही है जैसे कि -

इसके लिए इन्होंने साल 2021 एक बहुत बड़ा फैसला लिया था। 

इन्होंने 3 साल में 75,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई थी। 

इनमें से 60,000 करोड़ रुपये 4 गीगा फैक्ट्री बनाने में खर्च किये जायेंगे। 

बाकी बचे 15,000 करोड़ वैल्यू चेन और पार्टनरशिप डेवेलप में खर्च होंगे। 

ग्लोबल फंड्स आजकल ग्रीन एनर्जी पर काफी फोकस कर रहे है। 

ग्रीन एनर्जी व्यापार ग्लोबल इन्वेस्टर आसानी से मिल जाते है। 

इसीलिए अम्बानी अपने ऑयल टू केमिकल कारोबार को इससे अलग रखना चाहते है।