क्या आपने कभी सुना है कि मुर्गों के पंखो से भी कपड़े बनाये जा सकते है?

यह सुनने में असम्भव लगता है परंतु जयपुर के एक दम्पत्ति ऐसा ही कारनामा कर चुके है।

जयपुर के असनावर के रहने वाले मुदित और राधेश मुर्गों के पंखों से कपड़े बनाने का काम कर रहे है।

कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही मुदित और राधेश को कचरे से नया सामान बनाने का प्रोजेक्ट मिला था।

जब दोनों लोग कसाई की दुकान के सामने खड़े थे तो उन्हें मुर्गों के पंख दिखाई दिए।

मुर्गे के पंख बहुत ही मुलायम थे, जिससे कपड़े बनाने का आइडिया मुदित व राधेश को आया।

कसाई से बात करके पता चला कि मुर्गे के पंख बहुत ज़्यादा मात्रा में इकट्ठा होते है जिनका कोई इस्तेमाल नहीं।

मुदित व राधेश ने परिवार वालों तथा टीचर्स के खिलाफ जाकर इस आइडिया पर काम किया।

इनको 8 साल का समय लगा अपना खुद का फैब्रिक बनाने में, और मात्र 16 हजार से इसकी शुरुआत हुई थी। 

पिछले ढाई सालों में इन्होंने 7 करोड़ का टर्नओवर किया है, और हर साल 2.5 करोड़ का बिज़नेस करते है।