अनिल अम्बानी की ज्यादातर कम्पनियाँ दिवालिया हो चुकी है। 

जिनको बेचने की प्रक्रिया प्रगति पर चल रही है। 

उनमें से एक दिवालिया कंपनी का नाम "रिलायंस कैपिटल" है। 

इस कंपनी पर 24,000 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था। 

जिसके बाद इसको बेचने की प्रकिया शुरू कर दी गई थी। 

कंपनी को बेचने के लिए नीलामी प्रक्रिया में अब तक ये हुआ है -

पिछले साल दिसंबर 2022 में पहली नीलामी आयोजित की गई थी। 

पहली बोली में 8,640 करोड़ रुपयों की बोली के साथ टोरेंट ग्रुप टॉप पर था। 

जबकि हिंदुजा ग्रुप  8,110 करोड़ रुपयों के साथ दूसरे नंबर था। 

कथित तौर पर पहले राउंड में हिंदुजा ग्रुप की बोली  9,510 करोड़ रुपये की थी। 

लेकिन दूसरी बोली में टोरेंट ग्रुप नीलामी में शामिल नहीं हुआ है। 

जबकि इस बार हिंदुजा ग्रुप ने 9,650 करोड़ रुपयों के साथ सबसे अधिक बोली लगाई है।