गौतम अडानी के जीवन के कुछ पल बहुत भयावह थे।

इन किस्सो के बारे में किसी को बहुत कम लोगों को जानकरी है।

इन्ही किस्सो के बारे में गौतम अडानी ने हालिया इंटरव्यू में बात की है।

गौतम अडानी ने बताया कि -

1997 में मेरा अपहरण हो गया था लेकिन अगले दिन मुझे छोड़ दिया गया।

उस रात मैंने मृत्यु को काफी करीब से देखा।

26/11 मुंबई हमले में भी मैं बुरी तरह फँस गया था।

आतंकी हमले के दौरान मैं ताज होटल में ही फँसा हुआ था।

चारों ओर गोली चल रही थी और लाशें सामने पड़ी थी।

उस रात ने भी मुझे मृत्यु के दर्शन काफी करीब से करवाए।

लेकिन मैं उन भयावह पलों में भी मैं घबराया नहीं।

क्योंकि जो मेरे हाथ में नहीं है मैं कभी भी उसकी चिंता नहीं करता।

अपहरण की रात को भी मैं चैन की नींद सोया था।

मैं जीवन के उतार चढ़ाव से नहीं घबराता बस अपने काम में लगा रहता हूँ।