Porter

डिलीवरी है? हो जाएगी – Porter Startup Story

Porter Startup Story : जब हम किसी दुकान से कोई भारी सामान खरीदते है जिसको हम अपने घर तक नहीं ले जा सकते तो हम उसके लिए कोई रिक्शा, डाला या मिनी ट्रक ढूंढते है पर हमें आसानी से नहीं मिलते। इस समस्या को दूर करने के लिए Porter ने भारत का पहला मार्केटप्लेस बनाया है जिसकी मदद से कोई भी आम आदमी या बिज़नेस ओनर किसी भी प्रकार के सामान को बाइक या मिनीट्रक के माध्यम से अपने टार्गेटेड स्थान पर डिलीवर करवा सकता है।

हम बाजार से टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टंकी, पाइप, महीने भर का राशन का सामान आदि तो खरीद लेते है पर उनको घर तक पहुँचाने के लिए हमारे पास बेहतर साधन उपलब्ध नहीं होते। हम कोशिश करते है कि कोई रिक्शा, डाला या मिनी ट्रक मिल जाये लेकिन यह हमें आसानी से नहीं मिलता है। अगर कोई वाहन मिल भी जाता है तो उसका किराया बहुत ज्यादा होता है।

Porter आपके सामान को आपके ही स्थान से उठाता है और कम से कम मूल्य में आपके गंतव्य तक सुरक्षापूर्वक पहुँचा देता है। आप Porter के वाहन को इनके ऐप के माध्यम से ट्रैक भी कर सकते है। एक टाइम पर एक ही डिलीवरी के कांसेप्ट के साथ Porter किसी भी सामान को उस शहर के भीतर कहीं भी डिलीवर करने के लिए तत्पर रहता है।

Porter क्या है?

Porter एक इंट्रासिटी लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप है जो आम लोगों तथा बिज़नेस को End-to-End डिलीवरी सिस्टम प्रदान करता है। Porter प्रोडक्ट को उत्त्पति वाले स्थान से उठाकर उपयोग वाले स्थान पर पहुँचाने में लोगों तथा बिज़नेस की मदद करता है।

इस समय यह देश का सबसे बड़ा इंट्रासिटी लोजिस्टिक्स मार्केटप्लेस है। इंट्रासिटी लोजिस्टिक्स का मार्केट लगभग 3 लाख करोड़ का है। यह अपने प्लेटफार्म के माध्यम से 2 लाख ड्राइवर्स लगातार काम व पैसे देकर उनके जीवन को बेहतर कर रहे है। ये इस समय 16 शहरों में लगभग 50 लाख कस्टमर्स को सफलतापूर्वक सर्विस प्रदान कर रहे है।

Porter की वजह से ड्राइवर 30% ज्यादा कमाते है तथा कस्टमर 20% ज्यादा बचाते है। इसका मतलब यहाँ ड्राइवर व कस्टमर को फायदा देकर Porter सफलतापूर्वक अपना बिज़नेस चला रहे है।

Porter की शुरुआत कब और कैसे हुई?

Porter की शुरुआत 2014 में प्रणव गोयल, उत्तम डिग्गा और विकास चौधरी के द्वारा की गई थी। ये तीनों फ़ाउंडर कस्टमर सेंट्रिक स्टार्टप बनाना चाहते थे जिससे कस्टमर्स की समस्ययाओं को दूर किया जा सके। लोगों और बिसनेस ने इनके काम को सराहा जिसके बाद इनको बड़े बड़े इन्वेस्टर्स से फ़ंडिंग भी प्राप्त हुई।

आज की डिजिटल दुनिया में लॉजिस्टिक्स वेंडर्स तथा कस्टमर्स दोनों के लिए ही बहुत ज़रूरी है। लोग अपने घर को शिफ़्ट करने तथा घर का सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में इस तरह की सर्विस इस्तेमाल करते है।

ये ऐप टेक्नोलॉजी की मदद से लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान कर रहे है जिसकी वजह से ये कस्टमर्स को काफी कम दामों पर सर्विस दे पा रहे है। वेंडर तथा कस्टमर इनकी टेक्नोलॉजी की वजह से अपने आर्डर को ट्रैक भी कर सकते है।

प्रणव, उत्तम और विकास तीनों ही कस्टमर सेंट्रिक प्रोडक्ट बनाने के लिए पैशनेट थे। तीनों ने कोई भी बिज़नेस में आने से पहले उसके बारे में जानकारी प्राप्त करने में जोर दिया। इन्होंने मार्किट रिसर्च पर बहुत समय लगाया जिससे समस्यायों को समझा जा सके। इन तीनों ने अपने कई साल लॉजिस्टिक्स के एरिया में काम करके बिताये है।

मार्केट रिसर्च के दौरान पता लगा कि लोजिस्टिक्स सर्विस की कमी के कारण सप्लाई चेन में बहुत बड़ी दिक्कत आती है। ये जानते थे कि दिक्कत सप्लाई चेन में है फिर भी इन्होंने लॉजिस्टिक्स सर्विस को चुना क्युकी बिना इसके कोई भी बिज़नेस टिक नहीं सकता। आज के डिजिटल दौर में ज्यादातर बिज़नेस लॉजिस्टिक्स सर्विस पर ही निर्भर है।

लॉजिस्टिक्स की घटिया सर्विस के कारण बिज़नेस ओनर्स को काफी समस्याएं हो रही थी जिससे उसके बिज़नेस पर काफी प्रभाव पड़ता था। प्रोडक्ट तैयार होने के बावजूद ट्रांसपोर्टेशन में बहुत बड़ी दिक्कत होती थी और इसीलिए Porter इस समस्या को समझकर इन्ट्रासिटी लॉजिस्टिक्स सर्विस की शुरुआत की।

लोकल बिज़नेस ओनर्स अपने प्रोडक्ट को समय पर डिलीवर नहीं कर पाते थे जिससे उन्हें डिलीवरी के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ते थे। Porter ने टेक्नोलॉजी की मदद से एक ऐप तैयार किया और भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स मार्केटप्लेस तैयार कर दिया। Porter App की मदद से आप कहीं से भी इनकी लॉजिस्टिक्स सर्विस का उपयोग काफी कम पैसों में कर सकते है।

Porter को फंडिंग कैसे और कहाँ से मिली?

Porter ने लॉजिस्टिक्स सर्विस की कमियों को समझकर एक नए लॉजिस्टिक्स सिस्टम को बनाया जो बहुत बड़े मार्केट गैप को भरता है। Porter नए आईडिया व नए कांसेप्ट साथ मार्केट में आया था इसीलिए आम लोगों तथा बिज़नेस की नजर बहुत ही जल्दी इस पर पड़ गई। ये कस्टमर सेंट्रिक प्रॉब्लम को अपने स्टार्टअप की मदद से दूर कर रहे थे जिससे इन्वेस्टर्स ने भी इनको फंडिंग में काफी साथ दिया।

इस समय Porter के साथ Sequoia Capital, Mahindra Group, LGT Lightstone, Kae Capital आदि इन्वेस्टर्स शामिल है। 25th अक्टूबर 2021 सीरीज-E फंडिंग राउंड में 750 करोड़ प्राप्त किये थे। इस फंडिंग राउंड में Tiger Global Management, Vitruvian Partners, Sequoia Capital India, Lightrock जैसे बड़े बड़े इन्वेस्टर्स ने इन्वेस्ट किया था।

Porter का लक्ष्य क्या है?

Porter फंडिंग में प्राप्त पैसों का इस्तेमाल अपने सर्विस को बेहतर बनाने में कर रहा है। इस समय Porter 16 शहरों में अपनी सर्विस दे रहा है। 2023 तक Porter, 35 से भी ज्यादा भारतीय शहरों में एंट्री करने के लक्ष्य को प्राप्त करने लिए काम कर रहा है।

Porter छोटे इंटरप्राइजेज को लॉजिस्टिक्स सर्विस के जरिये बेहतर सुविधा प्रदान कर रहा है। भारत की सरकार भी लॉजिस्टिक कॉस्ट को आधे से कम करने पर जोर दे रही है। सरकार के इस सपने को Porter कुछ हद्द तक सही करने में कामियाब हो पा रहा है।

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